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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.88
(104 verses)
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Sanskrit Text
आस्ते
परिघबाहुः
स
मध्यमः
पाण्डवोऽच्युत
।
अर्जुनेनार्जुनो
यः
स
कृष्ण
बाहुसहस्रिणा
।
द्विबाहुः
स्पर्धते
नित्यमतीतेनापि
केशव
॥
Padaccheda (Word Analysis)
आस्ते | परिघ + बाहु | स | मध्यमः | पाण्डवो | ऽच्युत
अर्जुन | यः | स | कृष्ण | बाहु + सहस्रिन्
द्वि + बाहु | स्पर्धते | नित्यम् | अती + अपि | केशव
अर्जुन | यः | स | कृष्ण | बाहु + सहस्रिन्
द्वि + बाहु | स्पर्धते | नित्यम् | अती + अपि | केशव