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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.8
(37 verses)
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Sanskrit Text
सर्वं
दुःखमिदं
वीर
सुखोदर्कं
भविष्यति
।
नात्र
मन्युस्त्वया
कार्यो
विधिर्हि
बलवत्तरः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सर्वं | दुःखम् | इदं | वीर | सुख + उदर्क | भविष्यति
न + अत्र | मन्यु + त्वद् | कार्यो | विधिर् | हि | बलवत्तरः
न + अत्र | मन्यु + त्वद् | कार्यो | विधिर् | हि | बलवत्तरः