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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.160
(29 verses)
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Sanskrit Text
यस्त्वं
वृद्धं
सर्वराज्ञां
हितबुद्धिं
जितेन्द्रियम्
।
मरणाय
महाबुद्धिं
दीक्षयित्वा
विकत्थसे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यद् + त्वद् | वृद्धं | सर्व + राजन् | हित + बुद्धि | जि + इन्द्रिय
मरणाय | महाबुद्धिं | दीक्षयित्वा | विकत्थसे
मरणाय | महाबुद्धिं | दीक्षयित्वा | विकत्थसे