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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.160
(29 verses)
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Sanskrit Text
स्ववीर्यं
यः
समाश्रित्य
समाह्वयति
वै
परान्
।
अभीतः
पूरयञ्शक्तिं
स
वै
पुरुष
उच्यते
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स्व + वीर्य | यः | समाश्रित्य | समाह्वयति | वै | परान्
अभीतः | पूरयञ् | शक्तिं | स | वै | पुरुष | उच्यते
अभीतः | पूरयञ् | शक्तिं | स | वै | पुरुष | उच्यते