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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.160
(29 verses)
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Sanskrit Text
स
केशवमभिप्रेक्ष्य
गुडाकेशो
महायशाः
।
अभ्यभाषत
कैतव्यं
प्रगृह्य
विपुलं
भुजम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | केशवम् | अभिप्रेक्ष्य | गुडाकेशो | महत् + यशस्
ओघ + मेघ + स्वन | काले | प्रगृह्य | विपुलं | भुजम्
ओघ + मेघ + स्वन | काले | प्रगृह्य | विपुलं | भुजम्