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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.160
(29 verses)
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Sanskrit Text
श्वोभूते
कत्थनावाक्यं
विज्ञास्यति
सुयोधनः
।
अर्दितं
शरजालेन
मया
दृष्ट्वा
पितामहम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
श्वोभूते | कत्थना + वाक्य | विज्ञास्यति | सुयोधनः
अर्दितं | शर + जाल | मया | दृष्ट्वा | पितामहम्
अर्दितं | शर + जाल | मया | दृष्ट्वा | पितामहम्