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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.160
(29 verses)
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Sanskrit Text
सूर्योदये
युक्तसेनः
प्रतीक्ष्य;
ध्वजी
रथी
रक्ष
च
सत्यसंधम्
।
अहं
हि
वः
पश्यतां
द्वीपमेनं;
रथाद्भीष्मं
पातयितास्मि
बाणैः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सूर्य + उदय | युज् + सेना | प्रतीक्ष्य | ध्वजी | रथी | रक्ष | च | सत्य + संधा
अहं | हि | वः | पश्यतां | द्वीपम् | एनं | रथाद् | भीष्मं | पातयितास्मि | बाणैः
अहं | हि | वः | पश्यतां | द्वीपम् | एनं | रथाद् | भीष्मं | पातयितास्मि | बाणैः