Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.145
(40 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
मयि
जीवति
राज्यं
कः
संप्रशासेत्पुमानिह
।
मावमंस्था
वचो
मह्यं
शममिच्छामि
वः
सदा
॥
Padaccheda (Word Analysis)
मयि | जीवति | राज्यं | कः | सम्प्रशासेत् | पुमान् | इह
मा + अवमन् | वचो | मह्यं | शमम् | इच्छामि | वः | सदा
मा + अवमन् | वचो | मह्यं | शमम् | इच्छामि | वः | सदा