Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.145
(40 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
ततः
पौरा
महाराज
माता
काली
च
मे
शुभा
।
भृत्याः
पुरोहिताचार्या
ब्राह्मणाश्च
बहुश्रुताः
।
मामूचुर्भृशसंतप्ता
भव
राजेति
संततम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततः | पौरा | महत् + राज | माता | काली | च | मे | शुभा
कृष्णया | सहिता | वीरा | ब्राह्मणैश् | च | महात्मभिः
माम् | ऊचुर् | भृश + संतप् | भव | राजन् + इति | संततम्
कृष्णया | सहिता | वीरा | ब्राह्मणैश् | च | महात्मभिः
माम् | ऊचुर् | भृश + संतप् | भव | राजन् + इति | संततम्