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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.145
(40 verses)
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Sanskrit Text
ततो
रामेण
समरे
द्वन्द्वयुद्धमुपागमम्
।
स
हि
रामभयादेभिर्नागरैर्विप्रवासितः
।
दारेष्वतिप्रसक्तश्च
यक्ष्माणं
समपद्यत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततो | रामेण | समरे | द्वंद्व + युद्ध | उपागमम्
स | हि | राम + भय | एभिर् | नागरैर् | विप्रवासितः
दार + अति + प्रसञ्ज् + च | यक्ष्माणं | समपद्यत
स | हि | राम + भय | एभिर् | नागरैर् | विप्रवासितः
दार + अति + प्रसञ्ज् + च | यक्ष्माणं | समपद्यत