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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.145
(40 verses)
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Sanskrit Text
शृणु
राजन्यथा
वाक्यमुक्तो
राजा
सुयोधनः
।
मध्ये
कुरूणां
राजेन्द्र
सभायां
तन्निबोध
मे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
शृणु | राजन् | यथा | वाक्यम् | उक्तो | राजा | सुयोधनः
मध्ये | कुरूणां | राजन् + इन्द्र | सभायां | तद् + निबुध् | मे
मध्ये | कुरूणां | राजन् + इन्द्र | सभायां | तद् + निबुध् | मे