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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.144
(26 verses)
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Sanskrit Text
इति
कर्णवचः
श्रुत्वा
कुन्ती
दुःखात्प्रवेपती
।
उवाच
पुत्रमाश्लिष्य
कर्णं
धैर्यादकम्पितम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
इति | कर्ण + वचस् | श्रुत्वा | कुन्ती | दुःखात् | प्रवेपती
उवाच | पुत्रम् | आश्लिष्य | कर्णं | धैर्याद् | अकम्पितम्
उवाच | पुत्रम् | आश्लिष्य | कर्णं | धैर्याद् | अकम्पितम्