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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.144
(26 verses)
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Sanskrit Text
एवं
वै
भाव्यमेतेन
क्षयं
यास्यन्ति
कौरवाः
।
यथा
त्वं
भाषसे
कर्ण
दैवं
तु
बलवत्तरम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तव | च + एव | प्रभावेन | स्वर्गं | यास्यन्ति | सागराः
यथा | त्वं | भाषसे | कर्ण | दैवं | तु | बलवत्तरम्
यथा | त्वं | भाषसे | कर्ण | दैवं | तु | बलवत्तरम्