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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.137
(22 verses)
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Sanskrit Text
तं
चेत्पुत्रात्प्रियतरं
प्रतियोत्स्ये
धनंजयम्
।
क्षत्रधर्ममनुष्ठाय
धिगस्तु
क्षत्रजीविकाम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तं | चेत् | पुत्रात् | प्रियतरं | प्रतियोत्स्ये | धनंजयम्
क्षत्र + धर्म | अनुष्ठाय | धिग् | अस्तु | क्षत्र + जीविका
क्षत्र + धर्म | अनुष्ठाय | धिग् | अस्तु | क्षत्र + जीविका