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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.137
(22 verses)
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Sanskrit Text
तं
वै
विमनसं
दृष्ट्वा
संप्रेक्ष्यान्योन्यमन्तिकात्
।
पुनरेवोत्तरं
वाक्यमुक्तवन्तौ
नरर्षभौ
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तं | वै | विमनसं | दृष्ट्वा | सम्प्रेक्ष् + अन्योन्य | अन्तिकात्
पुनर् | एव + उत्तर | वाक्यम् | उक्तवन्तौ | नर + ऋषभ
पुनर् | एव + उत्तर | वाक्यम् | उक्तवन्तौ | नर + ऋषभ