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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.137
(22 verses)
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Sanskrit Text
द्रौपदीसहितं
पार्थं
सायुधैर्भ्रातृभिर्वृतम्
।
वनस्थमपि
राज्यस्थः
पाण्डवं
कोऽतिजीवति
॥
Padaccheda (Word Analysis)
द्रौपदी + सहित | पार्थं | स + आयुध | भ्रातृभिर् | वृतम्
वन + स्थ | अपि | राज्य + स्थ | पाण्डवं | को | ऽतिजीवति
वन + स्थ | अपि | राज्य + स्थ | पाण्डवं | को | ऽतिजीवति