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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.123
(27 verses)
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Sanskrit Text
अकृत्वा
वचनं
तात
केशवस्य
महात्मनः
।
श्रेयो
न
जातु
न
सुखं
न
कल्याणमवाप्स्यसि
॥
Padaccheda (Word Analysis)
श्रुत्वा | तु | वचनं | तस्य | पाण्डवस्य | महात्मनः
श्रेयो | न | जातु | न | सुखं | न | कल्याणम् | अवाप्स्यसि
श्रेयो | न | जातु | न | सुखं | न | कल्याणम् | अवाप्स्यसि