Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.86
(24 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
वेदी
शूर्पारके
तात
जमदग्नेर्महात्मनः
।
रम्या
पाषाणतीर्था
च
पुरश्चन्द्रा
च
भारत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
वेदी | शूर्पारके | तात | जमदग्नेर् | महात्मनः
रम्या | पाषाण + तीर्थ | च | पुरश्चन्द्रा | च | भारत
रम्या | पाषाण + तीर्थ | च | पुरश्चन्द्रा | च | भारत