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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.86
(24 verses)
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Sanskrit Text
चमसोन्मज्जनं
विप्रास्तत्रापि
कथयन्त्युत
।
प्रभासं
चोदधौ
तीर्थं
त्रिदशानां
युधिष्ठिर
॥
Padaccheda (Word Analysis)
चमस + उन्मज्जन | विप्रास् | तत्र + अपि | कथय् + उत
तत्र | मासं | वसेद् | वीर | सरस्वत्यां | युधिष्ठिर
तत्र | मासं | वसेद् | वीर | सरस्वत्यां | युधिष्ठिर