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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.68
(24 verses)
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Sanskrit Text
नले
चेहागते
विप्र
भूयो
दास्यामि
ते
वसु
।
त्वया
हि
मे
बहु
कृतं
यथा
नान्यः
करिष्यति
।
यद्भर्त्राहं
समेष्यामि
शीघ्रमेव
द्विजोत्तम
॥
Padaccheda (Word Analysis)
नले | च + इह + आगम् | विप्र | भूयो | दास्यामि | ते | वसु
त्वया | हि | मे | बहु | कृतं | यथा | न + अन्य | करिष्यति
यद् | भर्तृ + मद् | समेष्यामि | शीघ्रम् | एव | द्विज + उत्तम
त्वया | हि | मे | बहु | कृतं | यथा | न + अन्य | करिष्यति
यद् | भर्तृ + मद् | समेष्यामि | शीघ्रम् | एव | द्विज + उत्तम