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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.65
(37 verses)
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Sanskrit Text
कथं
च
नष्टा
ज्ञातिभ्यो
भर्तुर्वा
वामलोचना
।
त्वया
च
विदिता
विप्र
कथमेवंगता
सती
॥
Padaccheda (Word Analysis)
कथं | च | नष्टा | ज्ञातिभ्यो | भर्तुर् | वा | वाम + लोचन
त्वया | च | विदिता | विप्र | कथम् | एवंगता | सती
त्वया | च | विदिता | विप्र | कथम् | एवंगता | सती