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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.64
(19 verses)
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Sanskrit Text
यानि
शिल्पानि
लोकेऽस्मिन्यच्चाप्यन्यत्सुदुष्करम्
।
सर्वं
यतिष्ये
तत्कर्तुमृतुपर्ण
भरस्व
माम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यानि | शिल्पानि | लोके | ऽस्मिन् | यद् + च + अपि + अन्य | सु + दुष्कर
सर्वं | यतिष्ये | तत् | कर्तुम् | ऋतुपर्ण | भरस्व | माम्
सर्वं | यतिष्ये | तत् | कर्तुम् | ऋतुपर्ण | भरस्व | माम्