Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.64
(19 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
स
वै
भ्रमन्महीं
सर्वां
क्वचिदासाद्य
किंचन
।
वसत्यनर्हस्तद्दुःखं
भूय
एवानुसंस्मरन्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | वै | भ्रमन् | महीं | सर्वां | क्वचिद् | आसाद्य | किंचन
वस् + अनर्ह | तद् + दुःख | भूय | एव + अनुसंस्मृ
वस् + अनर्ह | तद् + दुःख | भूय | एव + अनुसंस्मृ