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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.62
(43 verses)
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Sanskrit Text
तामश्रुपरिपूर्णाक्षीं
विलपन्तीं
तथा
बहु
।
राजमाताब्रवीदार्तां
भैमीमार्ततरा
स्वयम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अदृश्यन्ती + अश्रु + पूर्ण + अक्ष | शृण्वन्ती | तम् | उवाच | ह
राजन् + मातृ + ब्रू | आर्तां | भैमीम् | आर्ततरा | स्वयम्
राजन् + मातृ + ब्रू | आर्तां | भैमीम् | आर्ततरा | स्वयम्