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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.6
(22 verses)
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Sanskrit Text
तत्र
ते
न्यवसन्वीरा
वने
बहुमृगद्विजे
।
अन्वास्यमाना
मुनिभिः
सान्त्व्यमानाश्च
भारत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तत्र | ते | न्यवसन् | राजन् | संवत्सर + गण | बहून्
अन्वास्यमाना | मुनिभिः | सान्त्व्यमानाश् | च | भारत
अन्वास्यमाना | मुनिभिः | सान्त्व्यमानाश् | च | भारत