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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.6
(22 verses)
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Sanskrit Text
पाण्डवास्तु
वने
वासमुद्दिश्य
भरतर्षभाः
।
प्रययुर्जाह्नवीकूलात्कुरुक्षेत्रं
सहानुगाः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
राजन् + पुत्र + तथा + एव + अन्य | समेत्य | भरत + ऋषभ
प्रययुर् | जाह्नवी + कूल | कुरुक्षेत्रं | सह + अनुग
प्रययुर् | जाह्नवी + कूल | कुरुक्षेत्रं | सह + अनुग