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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.39
(30 verses)
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Sanskrit Text
चतुर्थे
त्वथ
संप्राप्ते
मासि
पूर्णे
ततः
परम्
।
वायुभक्षो
महाबाहुरभवत्पाण्डुनन्दनः
।
ऊर्ध्वबाहुर्निरालम्बः
पादाङ्गुष्ठाग्रविष्ठितः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
चतुर्थे | तु + अथ | सम्प्राप्ते | मासि | पूर्णे | ततः | परम्
योग्यां | चक्रे | महत् + बाहु | धनुषा | पाण्डु + नन्दन
ऊर्ध्व + बाहु | निरालम्बः | पाद + अङ्गुष्ठ + अग्र + विष्ठा
योग्यां | चक्रे | महत् + बाहु | धनुषा | पाण्डु + नन्दन
ऊर्ध्व + बाहु | निरालम्बः | पाद + अङ्गुष्ठ + अग्र + विष्ठा