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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.34
(85 verses)
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Sanskrit Text
गोमायुनेव
सिंहानां
दुर्बलेन
बलीयसाम्
।
आमिषं
विघसाशेन
तद्वद्राज्यं
हि
नो
हृतम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
गोमायु + इव | सिंहानां | दुर्बलेन | बलीयसाम्
आमिषं | विघस + आश | तद्वद् | राज्यं | हि | नो | हृतम्
आमिषं | विघस + आश | तद्वद् | राज्यं | हि | नो | हृतम्