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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.34
(85 verses)
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Sanskrit Text
भवान्धर्मो
धर्म
इति
सततं
व्रतकर्शितः
।
कच्चिद्राजन्न
निर्वेदादापन्नः
क्लीबजीविकाम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
भवान् | धर्मो | धर्म | इति | सततं | व्रत + कर्शय्
कच्चिद् | राजन् | न | निर्वेदाद् | आपन्नः | क्लीब + जीविका
कच्चिद् | राजन् | न | निर्वेदाद् | आपन्नः | क्लीब + जीविका