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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.25
(26 verses)
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Sanskrit Text
ते
यात्वा
पाण्डवास्तत्र
बहुभिर्ब्राह्मणैः
सह
।
पुण्यं
द्वैतवनं
रम्यं
विविशुर्भरतर्षभाः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ते | यात्वा | पाण्डवास् | तत्र | बहुभिर् | ब्राह्मणैः | सह
बन्ध् + तूण | विविशुर् | भरत + ऋषभ
बन्ध् + तूण | विविशुर् | भरत + ऋषभ