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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.25
(26 verses)
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Sanskrit Text
इदं
द्वैतवनं
नाम
सरः
पुण्यजनोचितम्
।
बहुपुष्पफलं
रम्यं
नानाद्विजनिषेवितम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
इदं | द्वैतवनं | नाम | सरः | पुण्य + जन + उचित
बहु + पुष्प + फल | रम्यं | शिवं | पुण्य + जन + उचित
बहु + पुष्प + फल | रम्यं | शिवं | पुण्य + जन + उचित