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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.185
(54 verses)
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Sanskrit Text
ततो
हिमवतः
शृङ्गं
यत्परं
पुरुषर्षभ
।
तत्राकर्षत्ततो
नावं
स
मत्स्यः
कुरुनन्दन
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततो | भीमः | शनैर् | भुक्त्वा | तद् + अन्न | पुरुष + ऋषभ
तत्र + कृष् | ततो | नावं | स | मत्स्यः | कुरु + नन्दन
तत्र + कृष् | ततो | नावं | स | मत्स्यः | कुरु + नन्दन