Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.164
(58 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
न
तां
भासयते
सूर्यो
न
शीतोष्णे
न
च
क्लमः
।
रजः
पङ्को
न
च
तमस्तत्रास्ति
न
जरा
नृप
॥
Padaccheda (Word Analysis)
न | तां | भासयते | सूर्यो | न | शीत + उष्ण | न | च | क्लमः
रजः | पङ्को | न | च | तमस् | तत्र + अस् | न | जरा | नृप
रजः | पङ्को | न | च | तमस् | तत्र + अस् | न | जरा | नृप