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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.164
(58 verses)
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Sanskrit Text
इत्युक्तोऽहं
मातलिना
गिरिमामन्त्र्य
शैशिरम्
।
प्रदक्षिणमुपावृत्य
समारोहं
रथोत्तमम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततो | ऽहं | वचनात् | तस्य | गिरिम् | आरुह्य | शैशिरम्
प्रदक्षिणम् | उपावृत्य | समारुह्य | महत् + मनस्
प्रदक्षिणम् | उपावृत्य | समारुह्य | महत् + मनस्