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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.157
(70 verses)
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Sanskrit Text
तां
प्रगृह्योन्नदन्भीमः
सर्वशैक्यायसीं
गदाम्
।
तरसा
सोऽभिदुद्राव
मणिमन्तं
महाबलम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तां | प्रग्रह् + उन्नद् | भीमः | सर्व + शैक्यायस | गदाम्
तरसा | सो | ऽभिदुद्राव | मणिमन्तं | महत् + बल
तरसा | सो | ऽभिदुद्राव | मणिमन्तं | महत् + बल