Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.105
(25 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
ततः
काले
बहुतिथे
व्यतीते
भरतर्षभ
।
दीक्षितः
सगरो
राजा
हयमेधेन
वीर्यवान्
।
तस्याश्वो
व्यचरद्भूमिं
पुत्रैः
सुपरिरक्षितः
॥
English Translation
O best of the Bharata race, after a long time, the mighty king Sagara installed himself for the performance of a horse-sacrifice.
Padaccheda (Word Analysis)
यदि | ते | श्रवणे | बुद्धिर् | वर्तते | भरत + ऋषभ
दीक्षितः | सगरो | राजा | हयमेधेन | वीर्यवान्
तद् + अश्व | व्यचरद् | भूमिं | पुत्रैः | सु + परिरक्ष्
दीक्षितः | सगरो | राजा | हयमेधेन | वीर्यवान्
तद् + अश्व | व्यचरद् | भूमिं | पुत्रैः | सु + परिरक्ष्