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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.70
(24 verses)
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Sanskrit Text
धन्यां
चातीन्द्रियज्ञानामिमां
प्राप्तां
परां
गतिम्
।
मन्येऽद्य
माद्रीं
धर्मज्ञां
कल्याणीं
सर्वथैव
हि
॥
Padaccheda (Word Analysis)
धन्यां | च + अति + इन्द्रिय + ज्ञान | इमां | प्राप्तां | परां | गतिम्
मन्ये | ऽद्य | माद्रीं | धर्म + ज्ञ | कल्याणीं | सर्वथा + एव | हि
मन्ये | ऽद्य | माद्रीं | धर्म + ज्ञ | कल्याणीं | सर्वथा + एव | हि