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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.70
(24 verses)
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Sanskrit Text
एवं
विलपतीं
कुन्तीमभिसान्त्व्य
प्रणम्य
च
।
पाण्डवा
विगतानन्दा
वनायैव
प्रवव्रजुः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एवं | विलपतीं | कुन्तीम् | अभिसान्त्व्य | प्रणम्य | च
पाण्डवा | विगम् + आनन्द | वन + एव | प्रवव्रजुः
पाण्डवा | विगम् + आनन्द | वन + एव | प्रवव्रजुः