Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.68
(46 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
असूयितारं
वक्तारं
प्रस्रष्टारं
दुरात्मनाम्
।
भीमसेन
नियोगात्ते
हन्ताहं
कर्णमाहवे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
असूयितारं | वक्तारं | प्रस्रष्टारं | दुरात्मनाम्
भीमसेन | नियोगात् | ते | हन् + मद् | कर्णम् | आहवे
भीमसेन | नियोगात् | ते | हन् + मद् | कर्णम् | आहवे