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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.68
(46 verses)
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Sanskrit Text
एतत्समीक्ष्यात्मनि
चावमानं;
नियम्य
मन्युं
बलवान्स
मानी
।
राजानुगः
संसदि
कौरवाणां;
विनिष्क्रमन्वाक्यमुवाच
भीमः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एतत् | समीक्ष् + आत्मन् | च + अवमान | नियम्य | मन्युं | बलवान् | स | मानी
राजन् + अनुग | संसदि | कौरवाणां | विनिष्क्रमन् | वाक्यम् | उवाच | भीमः
राजन् + अनुग | संसदि | कौरवाणां | विनिष्क्रमन् | वाक्यम् | उवाच | भीमः