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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.68
(46 verses)
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Sanskrit Text
मा
ह
स्म
सुकृताँल्लोकान्गच्छेत्पार्थो
वृकोदरः
।
यदि
वक्षसि
भित्त्वा
ते
न
पिबेच्छोणितं
रणे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
मा | ह | स्म | सु + कृ | लोकान् | गच्छेत् | पार्थो | वृकोदरः
यदि | वक्षसि | भित्त्वा | ते | न | पा + शोणित | रणे
यदि | वक्षसि | भित्त्वा | ते | न | पा + शोणित | रणे