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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.59
(12 verses)
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Sanskrit Text
अजो
हि
शस्त्रमखनत्किलैकः;
शस्त्रे
विपन्ने
पद्भिरपास्य
भूमिम्
।
निकृन्तनं
स्वस्य
कण्ठस्य
घोरं;
तद्वद्वैरं
मा
खनीः
पाण्डुपुत्रैः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अजो | हि | शस्त्रम् | अखनत् | किल + एक | शस्त्रे | विपन्ने | पद्भिर् | अपास्य | भूमिम्
निकृन्तनं | स्वस्य | कण्ठस्य | घोरं | तद्वद् | वैरं | मा | खनीः | पाण्डु + पुत्र
निकृन्तनं | स्वस्य | कण्ठस्य | घोरं | तद्वद् | वैरं | मा | खनीः | पाण्डु + पुत्र