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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.59
(12 verses)
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Sanskrit Text
एहि
क्षत्तर्द्रौपदीमानयस्व;
प्रियां
भार्यां
संमतां
पाण्डवानाम्
।
संमार्जतां
वेश्म
परैतु
शीघ्र;मानन्दो
नः
सह
दासीभिरस्तु
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एहि | क्षत्तर् | द्रौपदीम् | आनयस्व | प्रियां | भार्यां | संमतां | पाण्डवानाम्
संमार्जतां | वेश्म | परैतु | शीघ्रम् | आनन्दो | नः | सह | दासीभिर् | अस्तु
संमार्जतां | वेश्म | परैतु | शीघ्रम् | आनन्दो | नः | सह | दासीभिर् | अस्तु