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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.59
(12 verses)
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Sanskrit Text
नारुंतुदः
स्यान्न
नृशंसवादी;
न
हीनतः
परमभ्याददीत
।
ययास्य
वाचा
पर
उद्विजेत;
न
तां
वदेद्रुशतीं
पापलोक्याम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
नारुंतुदः | स्यान् | न | नृशंस + वादिन् | न | हीनतः | परम् | अभ्याददीत
यद् + इदम् | वाचा | पर | उद्विजेत | न | तां | वदेद् | रुशतीं | पाप + लोक्य
यद् + इदम् | वाचा | पर | उद्विजेत | न | तां | वदेद् | रुशतीं | पाप + लोक्य