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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.59
(12 verses)
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Sanskrit Text
द्वारं
सुघोरं
नरकस्य
जिह्मं;
न
बुध्यसे
धृतराष्ट्रस्य
पुत्र
।
त्वामन्वेतारो
बहवः
कुरूणां;
द्यूतोदये
सह
दुःशासनेन
॥
Padaccheda (Word Analysis)
द्वारं | सु + घोर | नरकस्य | जिह्मं | न | बुध्यसे | धृतराष्ट्रस्य | पुत्र
त्वाम् | अन्वेतारो | बहवः | कुरूणां | द्यूत + उदय | सह | दुःशासनेन
त्वाम् | अन्वेतारो | बहवः | कुरूणां | द्यूत + उदय | सह | दुःशासनेन