Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.58
(43 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
एवमुक्ते
तु
वचने
धर्मराजेन
भारत
।
धिग्धिगित्येव
वृद्धानां
सभ्यानां
निःसृता
गिरः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एवम् | उक्ते | तु | वचने | धर्मराजेन | भारत
धिग् | धिग् | इति + एव | वृद्धानां | सभ्यानां | निःसृता | गिरः
धिग् | धिग् | इति + एव | वृद्धानां | सभ्यानां | निःसृता | गिरः