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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.58
(43 verses)
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Sanskrit Text
अस्ति
वै
ते
प्रिया
देवी
ग्लह
एकोऽपराजितः
।
पणस्व
कृष्णां
पाञ्चालीं
तयात्मानं
पुनर्जय
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अस्ति | वै | ते | प्रिया | देवी | ग्लह | एको | अ + पराजि
पणस्व | कृष्णां | पाञ्चालीं | तद् + आत्मन् | पुनर् | जय
पणस्व | कृष्णां | पाञ्चालीं | तद् + आत्मन् | पुनर् | जय