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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.57
(21 verses)
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Sanskrit Text
अव्याधिजं
कटुकं
तीक्ष्णमुष्णं;
यशोमुषं
परुषं
पूतिगन्धि
।
सतां
पेयं
यन्न
पिबन्त्यसन्तो;
मन्युं
महाराज
पिब
प्रशाम्य
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अ + व्याधि + ज | कटुकं | तीक्ष्णम् | उष्णं | यशस् + मुष् | परुषं | पूति + गन्धि
सतां | पेयं | यद् + न | पा + असत् | मन्युं | महत् + राज | पिब | प्रशाम्य
सतां | पेयं | यद् + न | पा + असत् | मन्युं | महत् + राज | पिब | प्रशाम्य