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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.53
(25 verses)
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Sanskrit Text
एवमाहायमसितो
देवलो
मुनिसत्तमः
।
इमानि
लोकद्वाराणि
यो
वै
संचरते
सदा
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एवम् | अह् + इदम् | असितो | देवलो | मुनि + सत्तम
इमानि | लोक + द्वार | यो | वै | संचरते | सदा
इमानि | लोक + द्वार | यो | वै | संचरते | सदा