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Currently viewing: Parva 2 -
Chapter 2.53
(25 verses)
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Sanskrit Text
अन्येनान्यस्य
विषमं
देवनं
प्रतिभाति
मे
।
एतद्विद्वन्नुपादत्स्व
काममेवं
प्रवर्तताम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अन्य | विषमं | देवनं | प्रतिभाति | मे
एतद् | विद्वन्न् | उपादत्स्व | कामम् | एवं | प्रवर्तताम्
एतद् | विद्वन्न् | उपादत्स्व | कामम् | एवं | प्रवर्तताम्